Annpurna Aarti

Lyrics of Annpurna Aarti

Annapurna Aarti
ओम जय अन्नपूर्णा माता, जय अन्नपूर्णा माता | ब्रह्मा स्तुतन देवी, शुभ फल की दाता ||
अर्कुल पदम् विनाशिनी जन सेवक तृता | जगजीवन जगदंबा हरिहर गुनगता ||
सिहं को वं सजे कुंडल है सथा | देव वृंद जस गावत नृतय करत कथा ||
सतयुग रोपेशिल अति सुन्दर नाम सती केहलता | हेमचल घर जनम सखीं सँगराता ||
शुम्भनिशुम्भ बिदरे हेमलचल धाता | ssahstar भूजा तनु धरिके चारक लियो हाथ ||
श्रीशिरूप तू ही है जननी शिव संग रंगराता | नादि लवी लही वह हठ मदमाता ||
देवन अरज करत तव चित को लता | गावत दे दे तली मन मैं रंगरा ||
श्री प्रताप आरती मइया की जो कोई गता | सदा सुखी नित रहत सुख सम्पति पात ||
ओम जय अन्नपूर्णा माता, जय अन्नपूर्णा माता | ब्रह्मा स्तुतन देवी, शुभ फल की दाता ||

How to Use:- For Mata Annpurna Arti, take bath then lighten the lamp or earthen the lamp(best), offer some sweets and start chanting the Arti. Chant Annapurna Mata Arti in morning, best time is before 6:00 AM.

Aarti Sangrah


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