Vindheshwari Aarti

Lyrics of Vindheshwari Aarti

Vindheshwari Aarti
सुनि मेरी देवी पार्वत वासिनी, तेरा प्यार ना पावै ||
पान सुपारी ध्वाजा नारीयाल, लेटरी भेंट चढाया ||
सुनि मेरी देवी पार्वत वासिनी, तेरा प्यार ना पावै ||
सुवा चोली तेरे अंग विराजे, केसर तिलक लगाय ||
सुनि मेरी देवी पार्वत वासिनी, तेरा प्यार ना पावै ||
नंगे पाँव अकबर आया, सोने का छत्र चढाया ||
सुनि मेरी देवी पार्वत वासिनी, तेरा प्यार ना पावै ||
ऊँचे पार्वत भयो देवालय, नेछे शार बसैया ||
सुनि मेरी देवी पार्वत वासिनी, तेरा प्यार ना पावै ||
सतयुग, त्रेता, द्वापर मधये कलियुग रज स्वेता ||
सुनि मेरी देवी पार्वत वासिनी, तेरा प्यार ना पावै ||
धुप, गहरी, नैवेद्य, आरती मोहन भोग लगाय ||
सुनि मेरी देवी पार्वत वासिनी, तेरा प्यार ना पावै ||
ध्यानु भगत मइया तेरे गुन गावे मनवंचित फल पाय ||
सुनि मेरी देवी पार्वत वासिनी, तेरा प्यार ना पावै ||


How to Use:- For Mata Vindheshwari Arti, take bath then lighten the lamp or earthen the lamp(best), offer some sweets and start chanting the Arti. Chant Vindheshwari Arti in morning, best time is before 6:00 AM.

Aarti Sangrah


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