Vishnu/Krishna/Jagdish Aarti

Lyrics of Vishnu Aarti

Vishnu Aarti
ओम जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे, भक्त जनो के संकट छिन पुरुष द्वार करे।
जो ध्यावे फाल पावे दुख विंशे मन का, सुख सम्पति घर अवत मिटे तन का।
ओम जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे, भक्त जनो के संकट छिन पुरुष द्वार करे।
मात पीत तुम मेरे शरण गहूँ किसकी, तुम बिन और न दूजा आस करुँ जिस्की।
ओम जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे, भक्त जनो के संकट छिन पुरुष द्वार करे।
तूं पूरन परमात्मा तूं अन्तर्यामी, परो ब्रह्म परमेश्वर तुम सबके स्वामी।
ओम जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे, भक्त जनो के संकट छिन पुरुष द्वार करे।
तुम करुणा के सागर तुम पलन कर्ता, मुख्य मूरख खलकमी कृपा करो भारत।
ओम जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे, भक्त जनो के संकट छिन पुरुष द्वार करे।
तुम हो एक अगोचर सबके प्राणपति, किस विधी मिलौं गोसाईं तुमको मुख्य कुमति।
ओम जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे, भक्त जनो के संकट छिन पुरुष द्वार करे।
दीन बन्धु दुखा हत तुम ठाकुर मेरे, अपनों हाथ ऊधौ द्वार पारे तेरे।
ओम जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे, भक्त जनो के संकट छिन पुरुष द्वार करे।
विसय विकर मितो पाप हरो देव, श्रद्धा भक्ति बरहो संतान की सेवा।
ओम जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे, भक्त जनो के संकट छिन पुरुष द्वार करे।
श्याम सुंदर जी की आरती जो कोई नार बतात शिव शिवानंद स्वामी मन वंचित फल पावे।
ओम जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे, भक्त जनो के संकट छिन पुरुष द्वार करे।

How to Use:- For Vishnu Aarti, take bath then lighten the lamp or earthen the lamp(best), offer some sweets and start chanting the Arti. Chant Vishnu Arti in morning, best time is before 6:00 AM.

Aarti Sangrah


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