Shanidev Aarti

Lyrics of Shanidev Aarti

Shani Dev Aarti
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी | सोरज के पुत्रा प्रभु चले महतारी ||
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी |
श्याम अंक वक्र द्रष्ट चतुर्भुज धारी | नीलाम्बर धरा नाथ गज की आसवारी ||
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी |
किरीट मुकुट शिश सहज दिपत है लिलारी | मुक्तन के मल्ले गेल शोभित बलिहारी ||
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी |
मोदक मिश्रन पान चढत है सुपारी | लोहा तिल तेल उडद महिषी अति पयारी ||
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी |
देव दनुज ऋषि मुनि सूरत नर नारी | विश्वनाथ धरत ध्यान शरण है तुम्हारी ||
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी |

How to Use:- For Shanidev Aarti, take good bath then lighten the lamp or earthen lamp(best), offer some sweets, some flowers and start chanting this Arti. Chant Arti in morning, best time is before 6:00 AM.

Aarti Sangrah


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