Brahaspati ji ki Aarti

Lyrics of Bhraspatiji Aarti

Brahaspati Aarti
जय ब्रहस्पति देवा, ओम जय ब्रहस्पति देवा | चिन चिन भोग लगौं फाल मेवा ||
ओम जय ...
तूं पुराणं परमात्मा, तम अन्तर्यामी | जगतपिता जगदेवेश्वर तुम सबके स्वामी ||
ओम जय ...
चरणामृत निज निर्मल, सब पट हरता | सकल मनोरथ दयाक, कृपा करो भरत ||
ओम जय ...
तन मन अर्पणकर जो जन शरण शरण | प्रभु प्रगट तब होकर, अकार द्वार खडे ||
ओम जय ...
दीन दयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी | पप दोष सब हरता, भव बंधन हर ||
ओम जय ...
सकल मनोरथ दयाक, सब संसय तारो | विसय विकास मित्रो संतान सुखकारी ||
ओम जय ...
जो कोई आरती तेरी प्रेम साहित दिया | जयशतानंद बैंड सो सो निश्चय पावे ||
ओम जय ...

How to Use:- For Brahaspati Arti, take bath then lighten the lamp or earthen the lamp(best), offer some sweets and start chanting the Arti. Chant Brahaspati bhagwan arti in morning, best time is before 6:00 AM.

Aarti Sangrah


Wallpapers

© Copyright 2013 | All Rights Reserved | www.bhagvanpics.com