Chandra Aarti

Lyrics of Chandra Aarti

Chandra Aarti
ओम जय श्री चंद्र हरे स्वामी जय श्री चंद्र हरे, सुर नर मुनि जन ध्यान निस दिन ध्यान धरे।
ओम ...
गुरु नानक सुत ठाकुर तुम अन्तर्यामी, उदसेन साधु रक्षक तुम सबके स्वामी।
ओम ...
अचल आदोल स्मादी पद्मासन सोहे, बाल जाति बनवासी देखत जग मोहे।
ओम ...
अजर अमर अबिनाशी योगी योगी, करण कुंडल मुकुट मत योगी योग पति।
ओम ...
कलियुग रूप धरिओन शिव शंकर अवतारी, ऋद्धि सिद्धि के दाता महिमा अति भारी।
ओम ...
धर्म सनातन कारी परिचायक भारत के माही, जगत गुरु परिपुराण मुरत सुखदाई।
ओम ...
उदसेन आचार्य कर्णधर देव, प्रेम भक्ति वर देजे संतान की सेवा।
ओम ...
गुरु श्री चन्द्र जी की आरती जो कोई नर गावे, दीनदयाल चार पदारथ तात शिन मेरे पावे।
ओम ।।

How to Use:- For Chandra Arti, take bath then lighten the lamp or earthen the lamp(best), offer some sweets and start chanting the Arti. Chant Chandra Arti in morning, best time is before 6:00 AM.

Aarti Sangrah


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