Kali Mata ki Aarti

Lyrics of Kali Mata Arti

Kali Mata Aarti
अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गा खप्पर वाली | तेरे ही गुन गायन भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ||
तेरे भक्त जनो पे माता भीर पड़ी है भावरी | दानव दल पर तोतो माँ मै करके सिंह सावर ||
सोउ सिन्हो से है बालशाली है दस भुजाओं वाली | दुखे के दुखे निवारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ||
मान बनते है है जुग मेन बाड़ा हाय निर्मल नाटा | पूत कपूत सुने हैं पर न माता सुनी कुमाता ||
सब पे करुणा दर्सने वली अमृत बरसाने वाली | दुखे के दुखे निवारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ||
नहिं मांगटे धन और दाऊ | at ना चंडी ना सोना | हम तो मांगे तेरे मन में एक छोटा सा कोना ||
सब की बिगड़ी बान वाली वली लाज बचाने वाली | साथियन के सत को संवरती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ||
अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गा खप्पर वाली | तेरे ही गुन गायन भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ||

How to Use:- For Kali Arti, take bath then lighten the lamp or earthen the lamp(best), offer some sweets and start chanting the Arti. Chant Kali mata arti in morning, best time is before 6:00 AM.

Aarti Sangrah


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